भरतपुर ।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा चितवन के भरतपुर स्थित नारायणी नदी के तट पर एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नेपाल सरकार की सहकारी एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री बिनु राई माँझी थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज के महावाणिज्य दूत देवी सहाय मीना ने की।
इस अवसर पर चितवन के प्रमुख जिला अधिकारी गणेश अर्याल, पुलिस अधीक्षक, राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के अधिकारी तथा अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में नेपाल-भारत मैत्री संघ, पतंजलि योग समिति, उद्योग एवं वाणिज्य संघ, आर्ट ऑफ लिविंग तथा भूतपूर्व सैनिक संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षकों ने सामान्य योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन किया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की।

अपने संबोधन में महावाणिज्य दूत देवी सहाय मीना ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि योग भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक एवं जनस्तरीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्य अतिथि मंत्री बिनु राई माँझी ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास तनावमुक्त समाज के निर्माण और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार में सहायक होता है। उन्होंने नागरिकों से दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आह्वान किया।
नारायणी नदी के रमणीय तट पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को प्रकृति के सान्निध्य में योग का अनुभव करने का अवसर प्रदान किया। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रति जनचेतना बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
