अमेरिका–इसराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच दुनिया का ध्यान क्रूड ऑयल पर केंद्रित है। खाड़ी देशों से दुनिया के कुल क्रूड ऑयल सप्लाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा आता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी बाधा का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
संघर्ष की स्थिति में तेल कंपनियां और तेल भंडार बड़े और महत्वपूर्ण निशाने बन जाते हैं। इसके साथ ही, इस संघर्ष का एक और अहम लक्ष्य पानी भी है, क्योंकि खाड़ी के देशों में पानी सीमित मात्रा में उपलब्ध है।
खाड़ी के देश पानी की कमी पूरी करने के लिए खारे पानी से नमक हटाकर पीने योग्य पानी तैयार करते हैं। यह प्रक्रिया डिसैलिनेशन प्लांट्स के माध्यम से की जाती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या सुरक्षा संकट का असर पानी की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है।
