नई दिल्ली।
ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने के लिए लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को ध्वनिमत से गिर गया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में काफी हंगामा भी देखने को मिला।
बहस के दौरान Amit Shah के भाषण के समय विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए पीठासीन अध्यक्ष Jagdambika Pal ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और मतदान प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया।
हालांकि विरोध के बीच ही ध्वनिमत कराया गया, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने लोकतंत्र की बुनियाद पर सवाल खड़े करने की कोशिश की है। उनका कहना था कि इस तरह के कदम से संसदीय परंपराओं को नुकसान पहुंचता है।
वहीं Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
बताया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए यह अविश्वास प्रस्ताव 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से लाया गया था। विपक्षी दलों का आरोप था कि ओम बिरला ने सदन के संचालन में पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहा है।