ईरान युद्ध के बीच IEA 400 मिलियन बैरल तेल भंडार जारी करेगा


वैश्विक ऊर्जा संकट को कम करने के लिए International Energy Agency (IEA) ने अपने सदस्य देशों के रणनीतिक भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने का निर्णय लिया है। यह कदम संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे युद्ध के कारण ईरान से जुड़े तनाव के बीच बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह प्रस्तावित तेल रिलीज़ वर्ष 2022 में IEA सदस्य देशों द्वारा जारी किए गए 182 मिलियन बैरल तेल से कहीं बड़ा है, जिसे रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद बाजार को स्थिर करने के लिए जारी किया गया था।
IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि मौजूदा तेल बाजार की चुनौतियाँ अभूतपूर्व स्तर की हैं, इसलिए सदस्य देशों ने मिलकर इतनी बड़ी आपातकालीन कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि मध्य-पूर्व में ऊर्जा और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण उत्पादन और रिफाइनरी संचालन प्रभावित हुआ है। पर्याप्त निर्यात मार्ग और भंडारण की कमी के कारण कई तेल उत्पादक देशों को उत्पादन कम करना पड़ रहा है।


रिफाइनरियों के बाधित होने से जेट ईंधन और डीज़ल की आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है, जिसका वैश्विक परिवहन और व्यापार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
IEA सदस्य देशों के पास वर्तमान में 1.2 अरब बैरल से अधिक आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है, जबकि लगभग 600 मिलियन बैरल अतिरिक्त भंडार उद्योगों के पास सरकारी व्यवस्था के तहत रखा गया है।
युद्ध 28 फरवरी को शुरू होने के बाद ईरान ने रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी देकर इस मार्ग को प्रभावी रूप से बाधित कर दिया है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जिससे होकर दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव जारी रहता है, तो आने वाले समय में वैश्विक तेल बाजार और अधिक अस्थिर हो सकता है तथा तेल की कीमतों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।

Share and Enjoy !

Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *