अयोध्या में LPG संकट के बीच ‘राम रसोई’ सेवा जारी
हाल के दिनों में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध‑संबंधी तनाव के कारण एलपीजी गैस और तेल की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई बाधित होने लगी है, जिसका असर भारत सहित कई देशों में दिख रहा है। इससे एलपीजी गैस की उपलब्धता कम हो गई है और कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें भी लग रही हैं।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में यह संकट अब प्रत्यक्ष रूप से सामाजिक सेवाओं और व्यवसायों को प्रभावित कर रहा है। राम मंदिर के पास स्थित ‘राम रसोई’, जो प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराती है, को एलपीजी गैस की कमी के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार गैस की भारी कमी के कारण रसोई को अस्थायी रूप से बंद तक करना पड़ा था और प्रसाद के लिए लड्डू उत्पादन भी प्रभावित हुआ।
हालाँकि मंदिर प्रशासन ने पूरी सेवा को बंद नहीं होने देने का निर्णय लिया है और भोजन और भंडारे को जारी रखने के लिए वैकल्पिक इंतज़ाम अपनाए हैं। प्रशासन ने रसोई में अब इलेक्ट्रिक कुकर, राइस कुकर, कोयला और लकड़ी जैसे विकल्पों का उपयोग करके भंडारा चलाने का निर्णय लिया है ताकि श्रद्धालुओं को भूखा न रहना पड़े।
अयोध्या की यह समस्या केवल रसोई तक सीमित नहीं है — प्रसाद की दुकानों, रेस्टोरेंटों और होटलों पर भी गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम होने का असर दिख रहा है, जिससे छोटे व्यवसाय और स्थानीय रोजगार भी प्रभावित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारीयों का कहना है कि यह संकट फिलहाल अंतरराष्ट्रीय LPG सप्लाई बाधा के कारण उत्पन्न हुआ है, और सरकारी स्तर पर आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
इस गैस संकट का प्रत्यक्ष असर आम लोगों पर भी दिखने लगा है — छोटे दुकानदार, होटल, रेस्टोरेंट और सेवा क्षेत्रों में काम करने वाले लोग गैस की कमी के कारण परेशान हैं और कई जगह दामों में बढ़ोतरी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।